Study Room ka Vastu in Hindi by CIVILSHAPE

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वास्तुअनुसार घर में

स्टडी रूम

वास्तुशास्त्र अनुसार यदि स्टडी रूम सही दिशा में न हो, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है. वास्तु दोष के कारण सफलता नहीं मिल पाती है आइये जानते है वास्तु नियमों के अनुसार बच्चों के पढ़ने के कमरे से जुड़े कुछ वास्तु टिप्स.
  1. भारतीय वास्तुशास्त्र के अनुसार अध्ययन कक्ष हमेशा ईशान कोण में ही पूजागृह के साथ पूर्व दिशा में होना चाहिए।
  2. प्रकाश की ऊर्जा ही घर में सकारात्मकता लाती है, लिहाजा पूरब दिशा में स्टडी रूम काफी प्रभावी माना जाता है।
  3. भारतीय वास्तुशास्त्र के अनुसार बुध, गुरू, शुक्र एवं चंद्र चार ग्रहों के प्रभाव वाली पश्चिम-मध्य दिशा में अध्ययन कक्ष का निर्माण करने से अति लाभदायक सिद्ध होती है।
  4. अध्ययन कक्ष में टेबिल पूर्व-उत्तर ईशान या पष्चिम में रहना चाहिए।
  5. अध्ययन कक्ष दक्षिण आग्नेय व नैऋत्य या उत्तर-वायव्य में नहीं होना चाहिए।
  6. खिड़की या रोषनदान पूर्व-उत्तर या पश्चिम में होना अति उत्तम माना गया है। दक्षिण में यथा संभव न ही रखें।
  7. अध्ययन कक्ष में रंग संयोजन सफेद, बादामी, पिंक, आसमानी या हल्का फिरोजी रंग दीवारों पर या टेबल-फर्नीचर पर अच्छा है। काला, गहरा नीला रंग कक्ष में नहीं करना चाहिए।
  8. अध्ययन कक्ष का प्रवेश द्वार पूर्व-उत्तर, मध्य या पष्चिम में रहना चाहिए। दक्षिण आग्नेय व नैऋत्य या उत्तर-वायव्य में नहीं होना चाहिए।
  9. अध्ययन कक्ष में पुस्तके रखने की अलमारी या रैक उत्तर दिशा की दीवार से लगी होना चाहिए।
  10. स्टडी रूम में पानी रखने की जगह, मंदिर, एवं घड़ी उत्तर या पूर्व दिशा में उपयुक्त होती है।
  11. अध्ययन कक्ष की ढाल पूर्व या उत्तर दिशा में रखें तथा अनुपयोगी चीजों को कक्ष में न रखें।
  12. स्टडी टेबिल गोलाकार या अंडाकार की जगह आयताकार हो।टेबिल के टाप का रंग सफेद दूधिया हो।  कम्प्यूटर टेबिल पूर्व मध्य या उत्तर मध्य में रखें इसे ईशान कोण में कदापि न रखे।अध्ययन कक्ष के मंदिर में सुबह-शाम चंदन की अगरबत्तियां लगाना न भूलें।

||श्री गणेशाय नमः||

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